रांगोली के माध्यम से बेटी का महत्व बताया


पेटलावद से राजेश राठौड़...पेटलावद- ग्राम झकनावदा दिपावली पर्व के चलते देश भर में रांगोलीयो का दौर जारी है। सभी माता,बहने भाई रांगोली में अपनी अपनी नित नई कला का प्रदर्शन कर रहे है। उसी क्रम में झकनावदा जय किसान मार्ग स्थित एक बड़ी ही रोचक रांगोली बनाई गई। जिसे देखने को आस पास के मौहल्ले से भारी भीड़ उक्त रांगोली को देखने उमड़ी। रांगोली का मुख्य शीर्षक था, "सेव द गर्ल" उक्त रांगोली श्रीमति खुशबु-प्रवीण बैंरागी ने बनाई। जिसमें एक माॅ अपने आंसु के माध्यम से यह दर्षा रही है की बेटी का अपने जीवन में क्या महत्व है। वही श्रीमति खुशबु के हमारे द्वारा चर्चा करने पर बताया की मेरा सीधा सीधा अपने शब्दो में कहना है कि एक बच्चे को अपनी कोख में माॅ नौ महिने पालती है व कई निर्दयी माॅ बाप भु्रण परिक्षण करवाकर या सोनोग्राफी के माध्यम से पुत्र की चाह में बेटी की भ्रुण हत्या करवा देते है जो सरा सर गलत है। और फिर वही माॅ बाप अपने पुत्र के लिए पुत्र वधु की तलाश में लग जाते है। तो अबोसन करवाने वाले लोगो से मेरा कहना है की बेटी को कोख में मरवाओगे तो पुत्रवधु कहाॅ से लाओगे। और श्रीमति खुशबु ने रांगोली की और इशारा करते हुवे बताया की मेने रांगोली में एक और तराजू भी बनाई है जिसमें मेने दर्शाया है की तराजू के एक पलड़े में एक बेटी है व दुसरे पलड़े में एक बेटी के पिछे का पुरा परिवार इस बात को सुनकर उपस्थित श्रोता भी हैरान रह गये। उक्त रांगोली में कु. प्रियंका गुर्जर सहीत उपस्थित बच्चो ने अपना अपना सहयोग प्रदान किया। उक्त रांगोली की मोहल्ले वालो ने सराहना की।   

रांगोली बनाने वाले की खुब सरहना की

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