नतीजों से पहले शिवराज निशाने पर, गौर के बाद अब रघुनंदन शर्मा ने कहा और हार हो या जीत जिम्मेदार शिवराज

गजेंद्र सिंह की रिपोर्ट। .... भोपाल  मतगणना से पहले आए एक्जिट पोल के नतीजों ने मध्यप्रदेश की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। कांग्रेस में जहां जीत का जश्न मनाया जा रहा है तो भाजपा में तनाव का माहौल बना हुआ है। ऐसे में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी हार का डर सताने लगा है और वे अभी से इसका जिम्मेदार प्रदेश के मुखिया शिवराज को ठहराने लगे है।हाल ही में बाबूलाल गौर ने कहा था कि अगर भाजपा हारती है तो इसके जिम्मेदार प्रदेश के मुखिया होंगे।इसी क्रम में अब वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने भी मुख्यमंत्री शिवराज पर निशाना साधा है। शर्मा का कहना है कि भाजपा जीतती है तो श्रेय मुख्यमंत्री को ही मिलेगा और अगर भाजपा हारती है तो इसका श्रेय भी शिवराज को ही लेना चाहिए।
दरअसल, एक्जिट पोल के नतीजों के बाद भाजपा नेताओं के बयान भी बदलने लगे है।मतगणना से पहले ही भाजपा नेता हार का ठीकरा मुख्यमंत्री शिवराज पर फोड़ने में लगे हुए है। हाल ही में बाबूलाल गौर ने बयान दिया था कि भाजपा हारती है तो इसके जिम्मेदार मुखिया होंगें। अब वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा ने इस बात को दोहराया है। शर्मा का कहना है कि भाजपा इस चुनाव  में बहुमत प्राप्त करती है तो इसका श्रेय अथक  परिश्रम करने वाले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को जाएगा लेकिन अगर हारती है तो इसकी जिम्मेदारी भी श्रेय लेने वाले को ही लेनी चाहिए।शर्मा ने आगे कहा कि सत्ता में रहते हुए 'माई के लाल' जैसे दंभ भरे बयान देने से बचना चाहिए। यदि इस तरह के बयान नहीं दिए गए होते तो 5 से 10 दिन में भाजपा की बढ सकती थी और असमंजस की स्थिति ना रहती। ऐसे में अनुशासन के उस पाठ पर भी पानी फिरता नजर आ रहा है जो शनिवार को प्रदेशाध्यक्ष राकेश सिंह द्वारा सभी पार्टी नेताओं को पढ़ाया गया था औऱ कार्रवाई की बात कही गई थी। अब सवाल खड़ा होता है क्या प्रदेशाध्यक्ष या पार्टी वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा पर कोई कार्रवाई करेगी या फिर नही।
अनुशासन के पाठ पर फिर पानी
बता दे कि मतगणना से पहले शनिवार को भाजपा कार्यालय मे हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने सभी पार्टी नेताओं को अनुशासन का पाठ पढ़ाया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी का कोई भी नेता हो अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर को भी टारगेट कर कहा था कि वह भी इस दायरे में आते हैं।चुनाव से पहले और बाद में लगातार वह पार्टी लाइन से हट कर बयान देते आ रहे हैं। इसके अलावा हाल ही में उज्जैन सांसद चिंतामणि मालवीय पर भी आरोप है कि उन्होंंने पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया था। सिंह ने ऐसे सभी नेताओं को नसीहत देने का काम किया था। लेकिन नसीहत दिए अभी चौबीस घंटे भी पूरे नही हुए कि शर्मा ने ये बयान देकर भाजपा में हड़कंप की स्थिति पैदा कर दी है।बता दे कि इससे पहले भी समय समय पर शर्मा पार्टी के खिलाफ ही मोर्चा खोलते रहे हैं।

हार हो या जीत जिम्मेदार शिवराज

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