सोयाबीन पर मिलने वाले 500 रुपए बोनस पर छाए असमंजस्य के बादल

गजेंद्र सिंह की रिपोर्ट                                                                                                                                                                     मंदसौर- पूर्व की भाजपा सरकार ने सोयाबीन पर 500 रुपए प्रोत्साहन राशि देना तय किया था , इसमें खरीदी का दौर चल भी रहा है , लेकिन अब बीच में सरकार बदल गई , अब सोयाबीन पर मिलने वाले ५०० रुपए मिलेंगे या नहीं या कब मिलेंगे इन सवालों पर असमंजस्य छाया हुआ है , इधर किसान भी इसी उलझन में है , शहर के साथ जिले की मंडियों में इस योजना के तहत किसानों ने बढ़चढक़र सोयाबीन बेची और अभी भी यह दौर जारी है , लेकिन अब मिलने वाले 500 रुपए को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है , 20 अक्टूबर से शुरु हुआ खरीदी का यह दौर १९ जनवरी तक चलेगा
     जिले की 10 मंडियों में बिकी लाखों क्विंटल सोयाबीन
मंदसौर के अलावा जिले में दलोदा , पिपलियामंडी , मल्हारगढ़ , सुवासरा , शामगढ़ , बोलिया , भानपुरा , सीतामऊ , गरोठ में कृषि उपज मंडियों में किसान इस योजना में सोयाबीन बेचने के लिए पहुंच रहे है , अकेले मंदसौर में इस स्कीम में 15 हजार 164 से अधिक किसानों ने २ लाख 32 हजार 56 क्विंटल से अधिक सोयाबीन 500 रुपए प्रोत्साहन राशि के फेर में बिक चुकी है , तो गरोठ में 2 हजार 744 किसानों ने 38 हजार 918 क्विंटल सोयाबीन यहां भी बिक चुकी है , इसी तरह जिले की अन्य ८ मंडियों में भी हजारों किसानों ने लाखों क्विंटल सोयाबीन बेच दी है
कम दाम की भरपाई के लिए शुरु हुई योजना
       भावांतर प्रदेश में वर्ष 2017 जून में हुए किसान आंदोलन के बाद शुरु हुई थी , इसमें उपज के गिरते दामों के बीच सरकार ने किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम देने के लिए भावांतर शुरु की थी , इसमें भाव में आने वाले अंतर की राशि सरकार ने देना तय किया था , इसी में सोयाबीन पर फ्लैट रेट के रुप में 500 रुपए बोनस प्रति क्विंटल पर दिए जाना है , किसान इसमें सोयाबीन बेच तो रहे है , लेकिन उन्हें 500 रुपयों को लेकर आस नहीं है , जिस भाव भी मंडी में सोयाबीन बिक रही है , उसी आधार पर वह माल बेच रहे है

19 जनवरी तक चलेगी खरीदी
         विधानसभा चुनाव से पूर्व भावांतर में सोयाबीन की खरीदी का काम 20 अक्टूबर से शुरु हुआ था , यह 19 जनवरी तक चलेगा , इसमें सरकार ने प्रति क्विंटल पर किसान को 500 रुपए प्रोत्साहन राशि देना तय किया था , लेकिन अब सरकार बदलने के कारण इस पर असमंजस्य छाया हुआ है

गजेंद्र सिंह की रिपोर्ट

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