प्रियंका गांधी का 47 साल की उम्र में राजनीतिक का आगाज, करोड़ों दिलों पर पहले से ही करती हैं राज

गजेंद्र सिंह चंद्रावत की रिपोर्ट। .......  नई दिल्ली। भारतीय राजनीति में इंदिरा गांधी को सबसे सफल प्रधानमंत्रियों में शुमार किया जाता है। अपनी राजनीतिक सोच और नजरिये से उन्होंने आजाद भारत को एक नई दिशा दी। खास बात यह है कि इंदिरा गांधी के बाद उनकी पोती यानी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की बेटी प्रियंका गांधी में भी लोग शुरू इंदिरा गांधी का ही अक्स देखते हैं। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार प्रियंका गांधी की सक्रीय राजनीति में एंट्री हो ही गई। लोगों को लगने लगा है कि एक बार फिर इंदिरा गांधी ही लौट आई हैं। हाल में प्रियंका गांधी वाड्रा 47 वर्ष की हुईं 12 जनवरी को उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया। आइए जानते पांच बातें
                                


शौकिया रेडियो संचालक
1. पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की पोती और पूर्व पीएम राजीव गांधी-सोनिया गांधी की दूसरी संतान प्रियंका गांधी का जन्म 12 जनवरी 1972 को राजधानी दिल्ली में हुआ। शिक्षा माडर्न स्कूल, कॉन्वेंट ऑफ़ जीसस एण्ड मैरी, नई दिल्ली से प्राप्त की और वह दिल्ली विश्वविद्यालय से मनोविज्ञान विषय की स्नातक हैं। वह एक शौकिया रेडियो संचालक है, जिनके पास VU2PGY कालसाइन है।

बगैर राजनीति के जनता की सेवा

2. 1999 के चुनाव अभियान के दौरान, बीबीसी के लिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा: मेरे दिमाग में यह बात बिलकुल स्पष्ट है कि राजनीति शक्तिशाली नहीं है, बल्कि जनता अधिक महत्वपूर्ण है और मैं उनकी सेवा राजनीति से बाहर रहकर भी कर सकती हूँ।

भाषण से लेकर नयन नक्ष तक दादी की झलक

3. प्रियंका गांधी में लोगों ने शुरू से इंदिरा गांधी का अक्स ही देखा। नयन नक्ष में तो प्रियंका गांधी अपने दादी इंदिरा की तरह दिखती हीं थीं। लेकिन जब वो लोगों से मिलतीं तो उस दौरान भी आव भाव बिल्कुल दादी की तरह दिखते थे। यही वजह है कि लोग उनके प्रति काफी आकर्षित होते हैं। अपने लुक्स के अलावा प्रियंका के भाषणों में भी दादी इंदिरा की तरह धारा और प्रवाह है।

कांग्रेस की गेम चेंजर 
4. कांग्रेस पार्टी के लिए प्रियंका गांधी ने हमेशा अहम रोल अदा किया। पर्दे के पीछे रहकर भी एक नेता की तरह ही प्रियंका हमेशा काम करती रहीं। पर्दे के पीछे से ही प्रियंका ने न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि देशभर में पार्टी के लिए कई अहम रणनीतियां बनाईं फिर चाहे वो टिकट का आवंटन हो या फिर गुटबाजी की मुश्किल। हर परेशानी से वो पार्टी को उबारने का माद्दा रखती हैं। यही वजह है कि 2018 में पार्टी के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद ने इशारा कर दिया था कि 2019 में प्रियंका गांधी लोकसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगी।

 

नेता-कार्यकर्ताओं में जोश और उत्साह की लहर
5. लोकसभा चुनाव से लेकर आगामी विधानसभा चुनाव तक कांग्रेस को जिस रामबाण की जरूरत थी लगता है प्रियंका गांधी के रूप में उसे वो मिल गया है। यही वजह है कि कार्यकर्ता से लेकर नेताओं तक हर कोई उत्साह और जोश से लबरेज है। यूपीसीसी के प्रवक्ता विकास श्रीवास्तव के मुताबिक हम पिछले काफी सालों से मांग कर रहे थे कि प्रियंका गांधी सक्रीय राजनीति में आए। इस सिलसिले में दो महीने पहले मिले भी थे। राहुल गांधी जिस तरह एक मिशन लेकर चल रहे हैं उसमें प्रिंयका की एंट्री मील का पत्थर साबित होगी, युवाओं को नया जोश भरेगी।

करोड़ों दिलों पर पहले से ही करती हैं राज

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