पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर का निधन

भोपाल से गजेंद्र सिंह चंद्रावत की रिपोर्ट। .....                             
                                                                                                                                                                                         भोपाल:-  राजधानी के सबसे लोकप्रिय नेता पूर्व मुख्यमंत्री और कि बार मंत्री रहे बाबूलाल गौर का निधन हो गया है। भोपाल में नर्मदा अस्पताल में ली अंतिम सास। लंबे समय से चल रहे थे बीमार। गौर का जन्म 2 जून 1930 को उत्तरप्रदेश के प्रतापगढ़जिले में हुआ था। वे भाजपा के एक अकेले नेता रहे जिन्होंने मध्यप्रदेश विधानसभा के लगातार10 चुनाव जीते। 23 अगस्त 2004 से 29 नवंबर 2005 तक वे मप्र के मुख्यमंत्री रहे। 2013 में हुए विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा फिर सत्ता में आई और उन्हें मंत्री बनाया गया।
बढ़ती उम्र का हवाला देकर पार्टी ने उनसे इस्तीफा ले लिया था।इस घटना के बाद गौर काफी दुखी हुए थे। राजनीति में आने से पहले बाबूलाल गौर ने भोपाल की कपड़ा मिल में मजदूरी की थी। श्रमिकों के हित में अनेक आंदोलनों में भाग लिया था। वे भारतीय मजदूर संघ के संस्थापक सदस्य हैं। 1974 में मध्य प्रदेश शासन द्वारा बाबूलाल गौर को 'गोआ मुक्ति आंदोलन' में शामिल होने के कारण 'स्वतंत्रता संग्राम सेनानी' का सम्मान प्रदान किया गया था।


बीए और एलएलबी पास गौर पहली बार 1974 में भोपाल दक्षिण विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में निर्दलीय विधायक चुने गए थे। उन्होंने 1977 में गोविन्दपुरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और 2013 तक लगातार 10 बार विधानसभा चुनाव जीतते रहे। 2018 के विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। उनकी जगह उनकी पुत्रवधु कृष्णा गौर को गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र से उम्मीदवार बनाया, जहां से वह विजयी हुईं।वे 4 सितंबर 2002 से 7 दिसंबर 2003 तक मध्य प्रदेश विधान सभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे।

राजधानी के सबसे लोकप्रिय नेता पूर्व मुख्यमंत्री

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