प्रदेश में दूर होगी डॉक्टरों की कमी महीने भर में मिल जाएंगे 547 स्थाई डॉक्टर

भोपाल से गजेंद्र सिंह चंद्रावत की रिपोर्ट। .....                                 
                                                                                                                                                                                       भोपाल। ..... प्रदेश में डॉक्टरों की कमी से जूझ रहे स्वास्थ्य विभाग को अगले एक महीने में डॉक्टर मिलने वाले हैं। इसके बाद प्रदेश के प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र (पीएचसी) व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी)पर कुछ हद तक डॉक्टरों की कमी पूरी हो सकती है। लोक सेवा आयोग (पीएससी) से बैकलॉग के 1060 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई थी। साक्षात्कार के बाद इसमें 547 डॉक्टरों का चयन किया गया है। इनकी बतौर मेडिकल ऑफिसर ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों पीएचसी, सीएचसी में पदस्थापना की जाएगी।
पोस्ट ग्रेज्युएट मेडिकल ऑफिसर को सीएचसी, सिविल अस्पताल या फिर जिला अस्पताल में भी पदस्थ किया जा सकता है। प्रदेश के करीब 371 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में डॉक्टर नहीं हैं। इनमें अन्य पूरा स्टाफ होने के बाद भी मरीजों को इलाज नहीं मिल पा रहा है। पीएससी से चयनित डॉक्टरों की पदस्थापना के बाद मरीजों को इलाज मिलने लगेगा। 
एक्स में नहीं हो रही भर्ती
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल में फैकल्टी की स्थायी भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी नहीं हो पा रही है। साक्षात्कार के लिए कमेटी नहीं बन पाने से भर्ती में देरी हो रही है। मरीजों की सुविधा के लिए एम्स प्रबंधन ने अब संविदा आधार पर भर्ती शुरू की है। सह प्राध्यापक के 43 और सहायक प्राध्यापक के 29 पदों पर भर्ती की जा रही है। इसके लिए एम्स भोपाल में 19 सितंबर को वॉक-इन इंटरव्यू रखे गए हैं। इन पदों के लिए डॉक्टर मिलते हैं तो ओपीडी व भर्ती मरीजों के इलाज में काफी सुविधा हो जाएगी। शाम की ओपीडी शुरू की जा सकती है। साथ ही ट्रामा सेंटर को भी पूरी सुविधाओं के साथ शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए बिस्तरों की संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी।

लोक सेवा आयोग (पीएससी) से बैकलॉग के 1060 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई

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