दिनेश बोस को हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने दी 32 करोड़ के जुर्माने से राहत

उज्जैन/महिदपुर । महिदपुर के कांग्रेस नेता दिनेश जैन बोस को हाईकोर्ट के बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने भी बड़ी राहत दी है, सुप्रीम कोर्ट ने 32 करोड़ के खनीज प्रकरण की 20 प्रतिशत पेनेल्टरी चुकाने के हाईकोर्ट के निर्णय को भी निरस्त करते हुए बोस को पुरे प्रकरण से दोषमुक्त कर दिया है इससे पहले हाईकोर्ट भी 32 करोड़ की रॉयल्टी के प्रकरण से बोस को मुक्त कर चुका था लेकिन उसने डीबी के 20 प्रतिशत पेनेल्टरी चुकाने के आदेश को यथावत रखा था जिसे लेकर बोस ने सुप्रीम कोर्ट से गुहार लगाई थी । बोस ने उक्त प्रकरण में महिदपुर विधायक बहादुर सिंह चौहान पर द्वेषता के आरोप लगाए है ।
सिटी प्रेस क्लब पर पत्रकारवार्ता में दिनेश जैन बोस ने बताया कि 2013 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय 50 हजार वोट लाने के कारण बौखलाए विधायक बहादुर सिंह चौहान ने अधिकारियों को डरा धमकाकर उन पर अवैध उत्खनन का एक झूठा प्रकरण बनवाया था जिसमें प्रकरण भी एसडीएम ने बनाया, विवेचना भी एसडीएम ने ही की और 32 करोड़ की रॉयल्टी चुकाने के आदेश भी उन्ही के द्वारा दिया गया, उक्त आदेश को बहादुर सिंह चौहान और सत्ता पक्ष के दबाव में राजस्व और कमिश्नर की कोर्ट ने भी यथावत रखा जिसके बाद बोस ने हाईकोर्ट की शरण ली लेकिन प्रकरण में देरी होने के कारण वे डीबी में चले गए जहां बोस को 20 प्रतिशत पेनेल्टरी ( लगभग 6 करोड़ ) चुकाने के आदेश हुए इसी दौरान सिंगल बेंच ने प्रकरण को झूठा मानते हुए 32 करोड़ की रॉयल्टी को निरस्त कर दिया लेकिन उसने 20 प्रतिशत पेनेल्टरी चुकाने के डीबी के निर्णय को यथावत रखा जिसे लेकर बोस ने सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई थी जहां से 9 दिसम्बर को फैसला बोस के पक्ष में आया और उन्हें इस पेनेल्टरी से भी मुक्त कर दिया गया ।                                                                                                                                                                                                       

महिदपुर के कांग्रेस नेता दिनेश जैन बोस

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